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एक समय ऐसा था जब दुनिया में किसी भी प्रकार की मुद्रा नहीं चलती थी। पुराने ज़माने में लेन-देन केवल वस्तुओ के माध्यम से ही किया जाता था। जिसे हम सब Barter System के नाम से भी जानते हैं। लेकिन जेसे-जेसे समय बदलता गया वेसे-वेसे दुनिया अपग्रेड होती रही, और कुछ समय बाद नोट और सिक्कों का निर्माण हुआ जिस से लेन-देन का तरिका पूरी तरह से बदल गया। 

और आज के समय में यही नोट और सिक्के हमारे प्रमुख करेंसी है, जिनके आधार पर पूरी दुनिया का लेने-देन चलता आ रहा है। 

लेकिन क्या आप जानते हैं इनके अलावा भी एक करेंसी (Currency) है जो पूरी तरह से डिजिटल है। और इस डिजिटल करेंसी को क्रिप्टोकरेंसी के नाम से जाना जाता है।आज समय एकदम फास्ट फॉरवर्ड हो चुका है, टेक्नोलॉजी (Technology) के साथ हर रोज एक नया आविष्कार कर के लोगो में जागरुकता फेला रहा है। लेकिन कई लोगो के मन में अभी भी ये प्रश्न है की क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) क्या है? और ये करेंसी डिजिटल हो के भी काम कैसे करती हैं? साथ ही इसे इस्तमाल करने के फ़ायदे क्या है?

सारे स्वालो के जवाब जान ने के लिए आर्टिकल (Article) को पूरा जरूर पढ़े।

मुद्रा (Currency) क्या है?

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को समझने से पहले हम जानेंगे की करेंसी (Currency) क्या है। 

देखा जाए तो आज हर देश के पास अपनी-अपनी करेंसी है। जेसे भारत के पास अपनी मुद्रा (Currency) रुपया  है, वेसे ही अमेरिका के पास डॉलर है। और हर एक देश के पास ठीक इसी तरह अपनी-अपनी देश की मुद्रा (Currency) है। करेंसी वो है जो देश दवारा मान्याता प्रपात की गई हो। तभी उस करेंसी की असली वैल्यू (Value) मानी जाती है। करेंसी के बदले में कोई भी वस्तु या सेवा खरीदी जा सके, उसे ही करेंसी कहा जाता है। देखा जाए तो करेंसी कागज और धातु के रूप में बनाये जाते हैं जो सरकार द्वार मान्य हो। इन करेंसी को हम आशनी से छू सकते है, पकड़ सकते हैं या फिर पर्स में रख भी सकते हैं। तभी इनको भौतिक मुद्रा (Physical Currency) के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी के मामले ऐसा नहीं होता है।

जानिए क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी, जिसे क्रिप्टो-मुद्रा या क्रिप्टो के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रकार की डिजिटल या आभासी मुद्रा (Virtual Currency) है जो लेनदेन की सुरक्षा के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करता है। क्रिप्टोकरेंसी ऐसी मुद्रा है जिसे विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized System) द्वारा प्रबंधित (managed) किया जाता है।

दूसरे शब्दों में समझे तो ये एक ऐसी करेंसी है जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) पर आधारित है, जो क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित भी है। जिस कारण से इसे हैक (Hack) करना या कॉपी (Copy)  करना बहुत ही मुश्किल है। 

देखा जाये तोह क्रिप्टोकरेंसी का Physical कोई भी अस्तित्व नहीं है क्योंकि यह ऐसी डिजिटल करेंसी है जो Computer Algorithm पर बनी है। क्रिप्टोकरेंसी की सबसे खास बात यह है कि ये पूरी तरह से विकेंद्रीकृत है मतलब किसी भी देश या सरकार का इस पर नियंत्रण (Control) नहीं है।

क्या क्रिप्टोकरेंसी की Value है?

क्रिप्टोकरेंसी को भले ही किसी नोट या सिक्को में प्रिंट (Print) नहीं किया जाता। लेकिन आज के समय में इसकी अपनी वैल्यू है। इसे भले ही आप अपने पॉकेट या तिजोरी में रख नहीं सकते लेकिन आप इसका भरपुर इस्तेमाल कर सकते है जैसे आप देश की करेंसी को करते है।

क्रिप्टोकरेंसी से आप सामान खरीद सकते है, Investment कर सकते है, Trade कर सकते है। फर्क सिर्फ इतना है कि आप इसे किसी भी बैंक या लॉकर में नहीं रख सकते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिट (Digit) पर आधारित है यानी आप इसे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Transaction) के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसीलिए इसे डिजिटल मनी (Digital Money) और वर्चुअल मनी (Virtual Money) भी कहा जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी का आविष्कार:

दुनिया का सबसे पहले क्रिप्टोकरेंसी “Bitcoin” है। इसका आविष्कार सातोशी नाकामोतो नामक एक इंजीनियर ने 2008 में किया था और 2009 में इसे ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया गया था। कहा जाता है ब्लॉकचेन पे सबसे पहले रन होने वाली करेंसी भी बिटकॉइन “Bitcoin” ही थी।

कुछ विशेषज्ञ (Experts) के अनुसार सन 2008 से लेकर सन 2022 तक अनुमान लगाया जा रहा है की मार्केट में 20,000 से भी ज्यादा क्रिप्टोकरंसी लॉन्च हो चुके हैं। मतलब क्रिप्टोकोर्रेंसी शुरुआती दौर से ही अपनी कामियाबी की छाप छोड़ता जा रहा है। कहा जाता है की आने वाले समय में क्रिप्टोकुरेंसी और भी ज्यदा उपयोगी और फायदेमंद सबित होगा।

Top क्रिप्टोकुरेंसी (Cryptocurrencies)

Bitcoin: हाल ही आपने लेख (Article) में पढ़ा की बिटकॉइन दुनिया की सबसे पहली क्रिप्टोकरेंसी है।

Ethereum: एथेरियम एक विकेंद्रीकृत ओपन-सोर्स ब्लॉकचेन है। CoinMarket Cap के हिसब से यह दुनिया की दुसरी बड़ी क्रिप्टो करेंसी में से है। इसका आविष्कार 2015 में हुआ था और से ईथर (Ether) के नाम से भी जाना जाता है।

Dogecoin: डॉगकॉइन का निर्माण 2013 में दुनिया के सबसे बेहतरीन दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स ने किया था। यह ऐसी क्रिप्टोकरेंसी है जिसका नाम एक Sarcastic meme के आधार पर रखा गया है।

CNF Token: CNF टोकन का निर्माण 2021 में हुआ था। CNF टोकन TRC 20 टोकन है जो ट्रॉन ब्लॉकचेन (Tron Blockchain) पर बनाया गया है।

निष्कर्ष:

आज के समय में सभी को क्रिप्टोकरेंसी से वर्चित होना चाहिए क्योकि क्रिप्टोकरेंसी हमारा फ्यूचर मनी (Future Money) है आज नहीं तो कल ये हमारी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण (Important) हिसा जरूर बन जाएगा और तकनीक (Technology) भी तेज गति से आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में ये और भी ज्यादा फास्ट (Fast) और उपयोगी (Useful) होने वाला है।

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